पटना,बिहार।
बोधगया में आयोजित भारतीय ज्योतिष महासम्मेलन में ज्योतिषाचार्या सुश्री काजल कुमारी (गार्गी) को उनके ज्योतिष क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘ज्योतिष मार्तंड’ सम्मान से अलंकृत किया गया। उन्हें पूर्व सैन्य अधिकारी एवं ज्योतिष क्षेत्र से जुड़े कई प्रोफेसरों द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बिहार की कई प्रतिष्ठित हस्तियां भी मौजूद रहीं।
बताया गया कि काजल कुमारी सम्मान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों में सबसे कम उम्र की हैं। उन्होंने कम उम्र में ही ज्योतिष के क्षेत्र में गहन अध्ययन और अपने ज्ञान के माध्यम से विभिन्न उपलब्धियां हासिल की हैं। पटना की रहने वाली काजल कुमारी हस्तरेखा एवं कुंडली विशेषज्ञ के रूप में कार्य करती हैं। वह हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, भोजपुरी और अवधी सहित पांच भाषाओं में कुंडली निर्माण एवं ज्योतिषीय परामर्श का कार्य करती हैं।
काजल कुमारी जरूरतमंद और असहाय लोगों की निस्वार्थ भाव से सहायता करने के लिए भी जानी जाती हैं। उनके बारे में बताया गया कि वह कुंडली परामर्श के लिए कोई शुल्क नहीं लेती हैं और गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता करती हैं।
वह एक लेखिका भी हैं। आयोजकों के अनुसार, उन्होंने महज 20 वर्ष की उम्र में नौ पुस्तकों की रचना की है। इतनी कम उम्र में ज्योतिष और लेखन के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों को कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सराहनीय बताया।
सम्मान समारोह के दौरान संस्थान के पदाधिकारियों एवं उपस्थित लोगों ने काजल कुमारी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जब काजल कुमारी से उनकी ज्योतिष संबंधी जानकारी और उपलब्धियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा कि त्रिदेवियों की कृपा और मां सरस्वती के आशीर्वाद से ही उन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ है।